कनहर नदी में अवैध बालू खनन पर गंभीर आरोप, पर्यावरण मंत्री से हस्तक्षेप की मांग

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Administrator | Updated: 11 Jan 2026, 09:07 PM IST | 1 min read
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हरपुरा मंदिर घाट व कोरगी घाट पर नियमों को ताक पर रखकर खनन, तहसील स्तरीय समिति की भूमिका पर उठे सवाल

म्योरपुर/सोनभद्र

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कनहर नदी में अवैध बालू खनन पर गंभीर आरोप, पर्यावरण मंत्री से हस्तक्षेप की मांग
वन प्रभाग रेणुकूट के अंतर्गत विंडमगंज रेंज क्षेत्र में कनहर नदी में हो रहे अवैध बालू खनन को लेकर एक बार फिर मामला गरमा गया है। हरपुरा मंदिर घाट के पास तथा कोरगी घाट क्षेत्र में लीज की आड़ में नदी की मुख्य धारा के बीच पाइप लगाकर बालू निकाले जाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इस पूरे प्रकरण को लेकर सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी के संयोजक रामेश्वर प्रसाद ने प्रदेश के पर्यावरण मंत्री अरुण सक्सेना एवं विभागीय सचिव को ई-मेल भेजकर अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। साथ ही अवैध खनन रोकने के लिए गठित तहसील स्तरीय समिति की निष्क्रियता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
जीवनदायिनी कनहर नदी का स्वरूप बिगाड़ रहा अवैध खनन
संयोजक रामेश्वर प्रसाद ने अपने पत्र में कहा है कि हरपुरा मंदिर घाट और दूसरे छोर पर स्थित धुर घाट के पास लगातार हो रहे अवैध बालू खनन से कनहर नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ता जा रहा है। इससे जलीय जीवों के अस्तित्व पर संकट गहरा गया है और पर्यावरण को खुलेआम नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस तरह की गतिविधियां खुले रूप से चल रही हैं, तो तहसील स्तरीय निगरानी समिति मौन क्यों है।
लीज क्षेत्र से बाहर, मुख्य धारा में पाइप लगाकर खनन
रामेश्वर प्रसाद ने आरोप लगाया कि कोरगी घाट की लीज के नाम पर लीज क्षेत्र से हटकर नदी की मुख्य धारा से पाइप के माध्यम से बालू निकाली जा रही है, जो कि खनन नीति के साथ-साथ एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के निर्देशों का भी सीधा उल्लंघन है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण तक नहीं कर रहे, जिससे अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा है।
उच्च स्तरीय जांच की मांग, आंदोलन की चेतावनी
संयोजक ने पर्यावरण मंत्री से आग्रह किया है कि यदि लखनऊ से किसी उच्च स्तरीय टीम द्वारा स्थलीय जांच कराई जाए, तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अवैध खनन पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
वन विभाग का पक्ष: जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई
मामले को लेकर प्रभागीय वनाधिकारी रेणुकूट कमल कुमार ने सेल फोन पर बताया कि
“मामले की स्थलीय जांच कराई जाएगी। यदि अवैध खनन पाया गया तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विभागीय मिलीभगत की भी जांच कराई जाएगी।”