विंध्य एक्सप्रेसवे का खाका तैयार, रेणुकूट तक सुगम होगी यात्रा

aeh.news

Administrator | Updated: 10 Jan 2026, 11:00 AM IST | 0 min read
Share:

330 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का सर्वे अंतिम चरण में, जनवरी अंत तक डीपीआर होगी जमा

म्योरपुर/ सोनभद्र(विकास अग्रहरि)रेणुकूट तक सुगम और तेज़ यात्रा के लिए सरकार ने विंध्य एक्सप्रेसवे का खाका तैयार कर लिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए सर्वे कार्य अंतिम दौर में पहुंच चुका है और जनवरी के अंत तक डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) जमा कर दी जाएगी। डीपीआर के बाद ही परियोजना की कुल लागत और निर्माण पर आने वाले खर्च का स्पष्ट आंकलन हो सकेगा।
विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण से जहां आम लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी, वहीं भारी वाहनों की आवाजाही भी काफी सुगम हो जाएगी। माना जा रहा है कि सरकार 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस एक्सप्रेसवे को चालू कर सकती है।
सरकार ने एक्सप्रेसवे के सर्वे का कार्य चेन्नई (तमिलनाडु) की अलमोंडज कंपनी को सौंपा है। कंपनी की टीम पिछले तीन दिनों से लगातार सर्वे कर रही थी, जिसका शुक्रवार को अंतिम दिन रहा। अंतिम चरण में कंपनी के जूनियर सर्वेयर नितेश यादव और अरविंद कुमार ने आखिरी छोर पर सर्वे कार्य पूरा किया।
कंपनी द्वारा हर 20 किलोमीटर पर सैटेलाइट कनेक्टिंग डिवाइस लगाकर कुल 330 किलोमीटर लंबे रूट का एक साथ सर्वे किया गया। अलमोंडज कंपनी के अनुसार यह एक्सप्रेसवे वाराणसी से भदोही के जमालपुर होते हुए प्रयागराज, वाराणसी से चंदौली होते हुए रेणुकूट तथा वाराणसी से सयदासपुर (गाज़ीपुर) में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा।
रेणुकूट को अंतिम छोर मानते हुए एक्सप्रेसवे का समापन मुर्धवा और रनटोला के जंगल क्षेत्र में प्रस्तावित है। रेणुकूट और रनटोला के बीच जंगल से शुरू होने वाला यह एक्सप्रेसवे हरदी और कोन क्षेत्र में सोन नदी पर बनने वाले पुल के जरिए पलहरी, नगवां होते हुए चंदौली मार्ग से वाराणसी से जुड़ेगा।
अलमोंडज कंपनी के साइड इंचार्ज अरुण यादव ने बताया कि कुल 330 किलोमीटर के रूट का सर्वे कार्य किया जा रहा है। सर्वे पूर्ण होने के बाद डीपीआर इसी माह के अंत तक शासन को सौंप दी जाएगी। डीपीआर में ही यह स्पष्ट होगा कि एक्सप्रेसवे निर्माण में कुल कितनी लागत आएगी और सरकार को इस परियोजना पर कितना खर्च करना होगा।

New Edition

Read Today's E-Magazine

Swipe through the complete digital edition of Urjanchal Tiger right on your screen.