श्रीराम कथा के दूसरे दिन शिव पार्वती विवाह प्रसंग पर भावविभोर हुए श्रद्धालु

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Subscriber | Updated: 03 Jan 2026, 06:47 PM IST | 0 min read
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चोपन/सोनभद्र (गुड्डू मिश्रा) नर्वदेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित सप्तदिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथा व्यास दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज ने भगवान शिव और माता पार्वती के मंगल विवाह की कथा का अत्यंत सजीव और भावपूर्ण वर्णन किया। कथा श्रवण के दौरान उपस्थित श्रद्धालु स्वयं को शिव–पार्वती विवाह का साक्षी अनुभव करते हुए भजनों में झूमते नजर आए। कथाव्यास श्री भारद्वाज महाराज ने बताया कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए गुरु महर्षि नारद के निर्देश पर कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भोलेनाथ ने पार्वती को पत्नी रूप में स्वीकार किया और शिव–पार्वती का पावन विवाह संपन्न हुआ। भगवान शिव की अद्भुत बारात और इस अनोखे विवाह का वर्णन सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे। उन्होंने भगवान शिव के प्रथम विवाह की कथा का भी विस्तार से वर्णन किया। कथा में बताया गया कि एक बार भगवान शिव अगस्त्य ऋषि के आश्रम से कथा श्रवण कर लौट रहे थे, तभी उन्हें भगवान राम के दर्शन हुए। शिवजी ने दूर से ही प्रभु राम को प्रणाम किया और माता सती से भी प्रणाम करने को कहा। सती द्वारा तर्क करते हुए परीक्षा लेने की जिद के कारण सीता का रूप धारण करने की घटना और उसके परिणामस्वरूप हुए प्रसंग को भी कथाव्यास ने भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया।
कथा के क्रम में सती के पिता दक्ष के यज्ञ में हुए अपमान, यज्ञ के भंग होने और सती के अग्नि प्रवेश की कथा सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे। बाद में सती का पार्वती रूप में पुनर्जन्म लेकर भगवान शिव का वरण करने का प्रसंग सुनाया गया। कथाव्यास ने कहा कि भगवान शिव से सभी को आदर्श पति बनने की प्रेरणा लेनी चाहिए।शिव–पार्वती विवाह की इस पावन कथा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम का संचालन मनोज चौबे ने किया। इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड़, नितिन जी विस्व हिंदु परिषद प्रांत संगठन मंत्री, पूर्व सांसद नरेन्द्र कुशवाहा,ई.रमेश सिंह पटेल, संजीव तिवारी, ओमप्रकाश शर्मा,मानस तिवारी, विजय यादव, गणेश तिवारी, लालजी मिश्रा, बबलू सोनी,अनील यादव, दीनदयाल सिंह, श्याम सुंदर मिश्रा, गुड्डू सिंह गोंड़, सुरेश यादव,चोपन सहित पूरे जनपद सोनभद्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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