संयुक्त वाम दलों व खेत मजदूर यूनियनों के कार्यकर्ताओं ने मनरेगा योजना बचाओ और भाकपा (माले) नेताओं की रिहाई व अन्य मांगों को लेकर जुलूस निकाल कर कलेक्ट्रेट पर किया जोरदार प्रदर्शन

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Subscriber | Updated: 06 Jan 2026, 07:06 PM IST | 1 min read
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सोनभद्र (ओम प्रकाश गुप्ता) भाकपा, माकपा, माले ने संयुक्त वाम दल व उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन के बैनर तले मनरेगा बचाओ और माले नेताओं की रिहाई व अन्य मांगों को लेकर संयुक्त रूप से वाराणसी शक्तिनगर के मुख्यमार्ग से जुलूस निकाल कर अपने मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंच कर जोरदार प्रदर्शन किया और धरना दिया।
जहां धरने को संबोधित करते हुए कम्युनिस्ट पार्टी के वक्ताओं ने कहा कि यह बहुत बड़ी विडम्बना हैं कि आजादी के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर दुनियां की सबसे बड़ी एतिहासिक योजना66 “महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट” को तत्कालीन यू. पी. ए. सरकार ने वामपंथी पार्टियों की पहल पर ग्रामीण खेत मजदूरों के हित में पास किया था। जिससे दुर्दिन में देश के करोड़ों ग्रामीण खेत मजदूरोंy को काम की संवैधानिक गारंटी मिली हुई थी।
मौजूदा भाजपा सरकार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से इतनी नफरत है कि मनरेगा को रिप्लेस करके ” V B — G RAM G” विकसित भारत — रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन ( ग्रामीण) बिल को संसद में लाकर कानूनी रूप देकर मनरेगा की हत्या कर दी है।
मनरेगा एक्ट में 90 प्रतिशत बजट भारत सरकार और 10 प्रतिशत बजट की व्यवस्था प्रांतीय सरकारें करती थी, फिर भी सभी को 100 दिन काम नहीं मिल पाता था, उसके ठीक विपरीत,” विकसित भारत — रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन ( ग्रामीण) ” एक्ट में भारत सरकार को 60 प्रतिशत और प्रांतीय सरकारों को 40 प्रतिशतhh6h बजट की व्यवस्था करनी होगी, जाहिर है कि प्रांतीय सरकारें लम्बे — लम्बे कर्ज में डूबी हुई हैं, ऐसे में प्रांतीय सरकारें धन की व्यवस्था नहीं कर पायेंगी और भारत सरकार अतिरिक्त धन की व्यवस्था नहीं करेगी। “वी बी — जी राम जी” एक्ट में 60 प्रतिशत काम कृषि क्षेत्र में देनें की बात बताई गई है जबकि कृषि में काम है ही नहीं। परिणाम होगा कि ” V B — G RAM G” एक्ट धन के अभाव में अन्तिम सांस लेने लगेगा और भाजपा सरकार को इस योजना को बन्द करने का आसान बहाना मिल जाएगा। ग्रामीण खेत मजदूर किंकर्तव्यविमूढ़ होकर तमाशा देखता रह जायेगा, उनकी आजीविका छिन जायेगी और भाजपा सरकार को मजदूरों को ग़ुलाम बनाने की नापाक साजिश सफल हो जायेगी।
ऐसे में आज हम सभी यानी लाल झंडे के सिपाही जनहित में मांग करते हैं कि.. ” V B — G RAM G” विकसित भारत — रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) एक्ट को जनहित में रद्द किया जाए।
मनरेगा जैसे ऐतिहासिक एक्ट को पुराने रुप में बहाल किया जाए।
खेत एवं ग्रामीण मजदूरों को काम न मिलने पर मुआवजा दिया जाना सुनिश्चित किया जाए।
सभी खेत मजदूरों को वर्ष में 200 दिन काम और 600 रुपए प्रतिदिन न्यूनतम गारंटीशुदा मज़दूरी दिया जाए।
सभी खेत मजदूरों को 55 वर्ष की उम्र पूरी हो जाने के बाद 10,000 रुपए मासिक पेंशन दिया जाए।
मनरेगा में भारत सरकार और प्रांतीय सरकारों द्वारा दिए जाने वाले पुराने बजट व्यवस्था को जारी रखा जाए।
खेत मजदूरों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों को सामाजिक सुरक्षा की गारण्टी सुनिश्चित किया जाए।
खेत और ग्रामीण मजदूरों एवं आदिवासियों के प्राकृतिक संसाधनों जल, जंगल, जमीन को अविलम्ब वापस किया जाए।
आजादी के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर चल रहे मनरेगा एक्ट को समाप्त कर लाये गये एक्ट “रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन ( ग्रामीण) पर रोक लगाने के साथ ही भाजपा सरकार के “हिन्दू राष्ट्र” बनाने की तरफ आगे बढ़ने की साजिश पर भी अविलम्ब रोक लगाई जाए।
सभी खेत मजदूरों को आवास के लिए 15 डिसमिल जमीन और पक्का आवास के लिए 05 लाख रुपए उपलब्ध कराया जाए। धारा 132 ( उसर, बंजर, परती, नजूल, चरागाह, तालाब के भीटों व जंगल की भूमि पर सैकड़ों सालों से बसे ग्रामीण मजदूरों को पुनर्वास की ब्यवस्था किए बिना उनको उजाड़ा न जाएं । बिजली के निजीकरण और स्मार्ट मीटरों पर रोक लगाने के साथ ही सभी ग्रामीण मजदूरों को 300 यूनिट बिजली मुफ्त में दिया जाए।h

और नेताओ ने जोर देते हुए कहा कि गैर संवैधानिक तरीके से मिर्जापुर जिले में गिरफ्तार किए गए भा.क.पा. ( माले ) – उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव कामरेड सुधाकर यादव एवम् स्टैंडिंग कमेटी की सदस्य कामरेड जीरा भारती व अन्य लोगों को बिना शर्त रिहा किया जाए।
दोषी पुलिस अधिकारियों एवम् वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई किया जाए।
धरना प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय सवालों पर महामहिम राष्ट्रपति को स्थानीय सवालों पर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।
इस दौरान सैकड़ों की संख्या संख्या में वाम दलों और खेत मजदूर यूनियनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे , इस दौरान भाकपा जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा, माकपा जिला सचिव कामरेड नंद लाल आर्य, माले के कामरेड नोहर भारती, के साथ खेत मजदूर यूनियन के बसावन गुप्ता, देव कुमार विश्वकर्मा, अमरनाथ सूर्य, बाबूलाल भारती, पुरषोत्तम, दिनेश रजवाड़ा, प्रेम नाथ, अमरनाथ बिंद, तारकेश्वर गुप्ता, जगरनाथ बैगा, रामजनम, विसंभर सिंह, अवध राज सिंह, गुड्डू उपाध्याय , ईश्वर दयाल, राजदेव सिंह, रामविलास कोल व कमली देवी आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाकपा के पूर्व जिला सचिव कामरेड रामरक्षा जी ने किया और कार्यक्रम का संचालन माले नेता कामरेड कलीम ने किया।

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