
धान-मक्का की फसल को फायदा, खेतों में सड़ने लगी उर्द और झड़ रहा सांवा
म्योरपुर/सोनभद्र(विकास अग्रहरि)
स्थानीय विकास खंड क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। लगातार बारिश के चलते मौसम सुहाना हो गया और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। हालांकि, बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पककर तैयार सांवा और उर्द की फसल को बारिश से भारी नुकसान होने की आशंका है।
लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की कच्ची सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गई हैं। कई स्थानों पर सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों में सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हुआ है।
बारिश से जहां धान और मक्का की फसल को पर्याप्त नमी मिलने से किसानों को लाभ होने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर सांवा और उर्द समेत कुछ दलहनी फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। इन दिनों खेतों में सांवा और उर्द की फसल पककर तैयार है। किसान कटाई की तैयारी में जुटे थे, लेकिन लगातार बारिश के कारण कटाई का काम रुक गया है।
किसानों के मुताबिक, खेतों में पड़ी उर्द की पकी फसल बारिश के पानी के कारण वहीं अंकुरित होने लगी है। कई जगह फसल सड़ने की स्थिति में पहुंच गई है। इसी तरह सांवा की बालियों से दाना झड़ने लगा है। इससे किसानों को उत्पादन में भारी नुकसान होने की चिंता सताने लगी है।
किसान देवनाथ, मोहन, राम सुंदर, सोमारू, रामज्ञान और देव शाह ने बताया कि इस वर्ष सांवा की फसल को लेकर किसानों को काफी उम्मीद थी। यह क्षेत्र में सबसे पहले तैयार होने वाली फसलों में से एक है और इस बार अच्छी उपज की उम्मीद थी, लेकिन लगातार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों ने बताया कि सांवा पककर तैयार है, लेकिन कटाई नहीं हो पाने के कारण दाने खेत में ही झड़ने लगे हैं।
किसानों ने बताया कि इस वर्ष उर्द की फसल भी काफी अच्छी थी। अच्छी उपज की उम्मीद थी, लेकिन लगातार बारिश के कारण पकी हुई उर्द खेत में ही जमने लगी है। समय पर कटाई नहीं होने से फसल के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो सांवा और उर्द की फसल में भारी नुकसान हो सकता है।
ग्रामीण किसानों ने प्रशासन से बारिश से प्रभावित फसलों का सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराने तथा प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
